Sunday, October 4, 2009

हमारा सत्य

हर कोई झूठ पर झूठ बोलता है ,
जयादा तो कोई कम बोलता है ,
वकील और सत्यवादी लोग सबसे कोई ऊपर है,
माननीय नेता जी का नाम सबसे सुपर है ,
कमाई के लिए दुकानदार झूठ बोलता है ,
सच को छिपाने के लिए थानेदार झूठ बोलता है ,
मंदिरों के कई पुजारी झूठे ,दरसन के अभिलाषी झूठे,
क्या करे भगवान, अगर सभी झूठे, तो वो किस्से रूठे ,
कोई नोकरी बचने के लिए झूठ बोलता है ,
तो कोई छोकरी पटाने के लिए झूठ बोलता है ,
मुझे तो झूठ में भी प्रतिशत नजर आता है
कोई एक या उससे जयादा तो कोई शत प्रतिशत बोलता है,
फिर भी हर कोई सबको सच बोलने की सीख देता है ,
कोई उसे समझता है ,कोई उसे हवा में उडा देता है ,

रास्ते का दीया

रास्ते का दीया मुझे दिखाई दिया , और बोला अरे मानव तुने ये क्या किया , चारो तरफ अधेरे का नजरिया , तू मेरी तरह बन पथिक को raah दिखता चल , अगर इस रोशनी से पथिक को रास्ता मिल जायेगा , तो समझ ले अ मानव तेरा जीवन सवर जायेगा

Friday, September 25, 2009

विवाह की वेदी

vivaah की वेदी पर जब दुल्हन आई ,
प्यारी सी मूरत उसके दिल में समाई ,
सोचा था उसका पति उसे पलकों पर बिठाएगा ,
नाज नखरो से उसका दिल मचल जायेगा,
लेकिन जब दुल्हन ने ससुराल में कदम रखा,
अपनी सास के कटु शब्दों का स्वाद चखा ,
बहु तू दहेज़ बड़ा ही कम लाई है,
अपनी माँ के यहाँ से khali हाथ आई है
रोज बहु को ताने सुनने पड़ते ,
पति और सास रोज उससे लड़ते ,
vivash दुल्हन एक दिन लाचार हो गई,
और आत्महत्या करने को मजबूर हो गई,
प्यारी सी मूरत उसके दिल से निकल गई,
विवाह की वेदी शमसान में ही जल गई,